हज़रत अली अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैंः कामों में सब्र की भूमिका, जिस्म पर सिर की तरह है कि अगर सिर, जिस्म से अलग हो जाए तो जिस्म बेजान हो जाता है उसी तरह अगर काम में सब्र न हो तो काम बर्बाद हो जाते है।
24 जून 2014 - 18:52
समाचार कोड: 618783
हज़रत अली अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैंः कामों में सब्र की भूमिका, जिस्म पर सिर की तरह है कि अगर सिर, जिस्म से अलग हो जाए तो जिस्म बेजान हो जाता है उसी तरह अगर काम में सब्र न हो तो काम बर्बाद हो जाते है।